
सर्दियों के मौसम में यदि आप किसी व्यावसायिक जिम में जाएं, तो आपको तुरंत ही पता चल जाएगा कि वहाँ का वातावरण कितना ठंडा है – फर्श ठंडी होती है, सदस्य धीरे-धीरे ही हील-चाल कर पाते हैं, और उपकरण भी बहुत ठंडे होते हैं। कंवेक्शन हीटरों से गर्मी सीधे ऊपर जाती है, इसलिए व्यायाम करने वाले क्षेत्र में ठंडा ही वातावरण रहता है। इन्फ्रारेड इलेक्ट्रिक हीटर लोगों एवं उपकरणों को सीधे ही गर्म करते हैं – इससे आरामदायक वातावरण प्राप्त होता है।
तकनीकी दृष्टि से क्या महत्वपूर्ण है?
हम जिमों में ऐसे इलेक्ट्रिक हीटर बनाते हैं, जो इन्फ्रारेड तरंगों के माध्यम से गर्मी प्रदान करते हैं। ऐसे हीटरों में उच्च-शक्ति वाले इन्फ्रारेड तत्व होते हैं, जिससे तेजी से गर्मी प्राप्त होती है, और पूरे कमरे की हवा को गर्म करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। इसका परिणाम यह है कि व्यायाम के बीच में आराम प्राप्त होता है, हवा का प्रवाह कम हो जाता है, एवं धातु की सतहों पर ओस भी कम बनती है।
यहाँ स्पेसिफिकेशन बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। हम हीटरों का आकार छत की ऊँचाई एवं कमरे की व्यवस्था के अनुसार ही तय करते हैं। हीटरों में ऐसे कंट्रोल भी होते हैं, जिससे तापमान स्थिर रहता है। सुरक्षा भी बहुत ही महत्वपूर्ण है – ओवरहीट प्रोटेक्शन, टिप-ओवर प्रोटेक्शन, एवं ऐसी संरचना जिससे धूल एवं चॉक आदि महत्वपूर्ण भागों तक न पहुँच सकें।
जिम के लिए यह क्यों उपयुक्त है?
जिम में गर्मी बहुत ही महत्वपूर्ण है – यह मांसपेशियों को लचीला रखती है, वार्म-अप से लेकर भारी व्यायाम तक की प्रक्रिया को सुचारू बनाती है, एवं क्लासों की गति को भी बनाए रखती है। इन्फ्रारेड तरंगें सीधे फर्श एवं उपकरणों पर ही पड़ती हैं, इसलिए हीटर चालू होते ही कमरा उपयोग योग्य बन जाता है।
चूँकि गर्मी दिशात्मक होती है, इसलिए इसे उसी जगह रखा जा सकता है, जहाँ सदस्य व्यायाम करते हैं। ऐसे में ऊर्जा का उपयोग भी कम होता है, एवं रखरखाव भी आसान हो जाता है – कोई ब्लोअर साफ करने की आवश्यकता नहीं पड़ती, एवं कम ही घूमने वाले भाग होते हैं।
किन बातों पर ध्यान देना आवश्यक है?
हर हीटर व्यावसायिक उद्देश्यों हेतु उपयुक्त नहीं होता। सबसे पहले CE प्रमाणन जरूरी है – इसका मतलब है कि उस हीटर में वास्तविक सुरक्षा एवं निर्माण मानक हैं। हीटर को ऐसी जगह ही रखना चाहिए, जहाँ से गर्मी सीधे लक्षित क्षेत्र पर पड़े। इन्फ्रारेड तरंगें तभी ही सबसे अच्छा काम करती हैं, जब उनका उपयोग ठोस इन्सुलेशन एवं नियंत्रित वेंटिलेशन के साथ किया जाए। हम हीटरों की ऊँचाई एवं कोण को छत एवं व्यायाम क्षेत्रों के अनुसार ही तय करते हैं, ताकि गर्मी सीधे ही व्यायाम करने वाले व्यक्तियों तक पहुँच सके।